व्यापार करने के लिए 50 देशो की सूचि में आने की तैयारी में भारत रमेश अभिशेख, सचिव , ओधोगिक निति और सर्वधन विभाग |

व्यापार करने के लिए 50 देशो की सूचि में आने की तैयारी में भारत ओधोगिक निति और सर्वधन विभाग के सचिव रमेश अभिशेख ने ET  को दिए अपने इंटरव्यू  में कहा की भारत विश्व बैंक के व्यापर  करने लायक 50 देशो की रैंक की सूचि में आने में भारत सिर्फ कुछ पॉइंट्स ही दूर है ET को दिए अपने इंटरव्यू में बताया की भारत 23 रैंक की कमी के साथ 100 वे स्थान से 77 वे स्थान पर आ गया है भारत माल सेवा कर जीएसटी  ( GST ) जैसे किये गए कई सुधारो के कारण अगले वर्ष  भारत की रैंकिंग में सुधार में  सहायता करने में प्रतिबद्ध होंगे।

जमीनी स्तर पे कारोबार के लिए ये रैंक किया महत्व रखती है ?

ये  रैंक जमीनी स्तर पे किये गए प्रयासों यानि प्रतिक्रिया  पर आधारित है व्यापर करने के लिए जब सीमाओं में नाटकीय सुधार होता है तब आयत और निर्यात के समय में कमी आती है और दस्तावेजों की और विवषये करने की लागत बहुत काम हो जाती है यही कारन है की हमारे कारोबार में अधिक प्रतिस्पधी हो जाते है और ये छोटे , लघु और मध्यम उद्यमों के लिए और भी महत्वपूर्ण है यदि आप दिवालियापन और दिवालियापन जैसे संकेतो को देखते है तो ये  व्यवसाय के संकटो के समाधान करने में उपयोगी होते है करो का भुगतान सभी व्यवसायो को प्रभावित करता है तकनीक उन्हें  ऑनलाइन पंजीकृत करने में समय बचने और कर का भुगतान करने में मदद करती है

मौजूदा सरकार का लक्ष्य प्रारंभिक 50 देशो की सूचि में पहुंचना था | किया भारत 50 देशो की सूचि में पहुंचने में सही सुधार  की दुरी पर है ?

हम निश्चित रूप से हड़ताली दुरी के भीतर है  किया जीएसटी ( GST ) जैसे कई सुधर अगले वर्ष पहचाने जाएंगे कुछ जीएसटी ( GST ) को पहचाना गया है जीएसटी रिटर्न ( GST RETURNS ) दाखिल करना जो कि समय के साथ स्थिर या  रुक जाता है जो की अगले वर्ष प्रतिबिंबित होगा हम उम्मीद करते है की आने वाले वर्ष में सभी  अधिक से अधिक कम्पनिया संकल्प शक्ति और पुनर्गठन की और एक साथ रुख करेंगी , और परिसमापन नहीं करेंगी इससे हमारी दिवालियापन दिवालियापन कोड सकोर में मदद मिलेगी , हाल ही में हुए संसोधन के कारण भारत में दिल्ली और मुंबई की हमारी  वाणिज्यिक अदालतें परिचालित है एक बार फास्ट्रैक होने के बाद यही हमारी मदद करेगा हम इसे लोगो के विचार से जल्दी ही प्राप्त कर सकतें है

किया इस एजेंडे पर कोई नया विचार या सुधर  है ?

हम ये देखने की कोशिश कर रहे है की जीएसटी, कर्मचारी राज्य बिमा निगम ( ESIC ) कर्मचारी भविष्य निद्धि संघटन (EPFO )  इलेक्ट्रॉनिक रूप से कम्पनी शामिल करने के लिए परफॉर्म ( SPICe ) के साथ एकत्रित किया जा सकता है इससे तीन प्रतिक्रिया काम हो जाएंगी | कम्पनी को शामिल करते समाया किया डिजिटल हस्ताक्षर ( DIGITAL SIGNATURE ) किये जा सकतें है या नहीं हम ये देखने की कोशिश कर रहे है

क्या  ऐसा कोई भी सुधार  है जिस पर भारत को कड़ी महेहनत करने की जरूरत है ?

सम्पति पंजीकरण ( PROPERTY RAGISTATION ) एक ऐसा छेत्र है  जिस पर हमें बहुत ही मुश्किल सुधारो की आवश्यकता है | अनुबंधों को लागु करने पर हमें होने वाली सभी चुनोतियो से अवगत है  वाणिज्यिक अदालतों  के संचालन  साथ  इसे हल किया जाना चाहिए है दिवालियापन को हल करने में काफी प्रगति की गयी है इसमें काफी सुधर संरचनात्मक सुधार है और हमने उल्लेखनीय प्रगति की है जैसे जैसे हम आगे बढ़ते है प्रतिस्पर्धा काफी मुश्किल हो जाती है कियुकी काफी ऐसे देश है जो अभी भी हमसे काफी बहेतर परफॉर्म कर रहे ही इसी के साथ रैंक ऊपर जाना काफी मुश्किल हो जाता है

स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम के बावजूद यह देश व्यवसाय क्यों कर रहा है ? यहाँ  पर व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा बहुत मुश्किल है क्यूकी यही हासिल करना एक आसान सुधार था व्यवसाय के छेत्र में काफी देश पहले से ही बेहतर कर रहे है | जब तक की हम अपने देश में कुछ नाटकीय सुधार नहीं करते और प्रतिक्रियाओं में कटौती नहीं करतैं हम प्रारंभिक देशो की सूचि में 25 या 50 वे स्थान पर नहीं पहुंच सकतें है

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