किया है नोटा (NOTA ) नोटा का मतलब है NONE OF THE ABOVE (NOTA) इनमे से कोई भी नहीं भारत में नोटा का इस्तेमाल अधिकांश चुनावो में चुनाव में भाग ले रहे प्रत्याशी के लिए सहमति और असहमति को प्रकट करने के लिए होता है नोटा भारत में सिर्फ नकारात्मक प्रतिक्रिया देने की विधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है भारत में नोटा वोट देना का माध्यम तो है लेकिन इसका कोई भी मूल्य नहीं है |

नोटा का इस्तेमाल भारत में किस लिए किया गया ?

भारत में नोटा का इस्तेमाल ऐसे वोटरों के लिए किया गया जो चुनावो के समय अपना वोट डालने में रूचि इसलिए नहीं दिखतें थे क्युकी चुनाव में भाग ले रहा प्रत्याशी उन्हें पसंद न हो या वह व्यक्ति कोई आपराधिक प्रवर्ति का हो जिसे वो अपना वोट नहीं देना चाहते जिसकी वजह से भारत की काफी बड़ी संख्या वोट देने के अधिकार से वंचित रह जाती थी इस बात को ध्यान में रख कर भारत में चुनावो में नोटा ( NOTA ) का विकल्प उपलब्ध कराया गया |

किया भारत में लोगो को नोटा ( NOTA ) की सही जानकारी है नोटा की हकीकत किया है ?

भारत में नोटा को लेकर लोगो में सिर्फ इतनी ही जानकारी है की अगर कोई भी प्रतियाशी पसंद नहीं है तो नोटा का बटन दबा दिया जाये उन्हें ये पता ही नहीं है की उनका वोट बेकार है उस वोटर की तरह जो वोट देने जाता ही नहीं है जिन्होंने नोटा का बटन दबाया या वोट डालने गए ही नहीं दोनों बराबर है| सही मायने में अगर समझा जाये तो नोटा को 100 में से अगर 59 वोट नोटा पर पड़े और x उमीदवार को 21 वोट मिले और दुशरे y उमीदवार को 20 वोट मिले तो भी नोटा को विजयी नहीं मन जायेगा उसकी जगह पर x उमीदवार जिसे 21 वोट मिले है y उमीदवार से 1 वोट ज्यादा है तो x उमीदवार को ही विजयी मन जायेगा भारत में नोटा को कुछ ख़ास अधिकार नहीं है नोटा का बटन सिर्फ दिखावट के लिए है | और आज कल लोग नोटा नोटा की ही रट लगा राखी है|

अन्य देशो में नोटा ( nota ) का महत्त्व भारत के मुकाबले काफी बेहतर है |

सबसे पहले नोटा ( nota ) का इस्तेमाल अमेरिका में हुआ था उसके बाद और भी काफी देशो ने नोटा का इस्तेमाल चुनावो के दौरान किया इनमे से काफी देशो में अगर नोटा को बहुमत मिलता है तो उस शीट पर दोबारा से चुनाव कराये जातें है बल्कि कुछ देशो में नोटा को बहुमत मिलने पर दोबारा चुनाव तो होता है लेकिन पिछले चुनाव जिनमे नोटा को बहुमत मिला था वो उमीदवार जिन्हे बहुमत नहीं मिला था चुनाव नहीं लड़ सकतें है बल्कि भारत में ऐसा कोई भी क़ानून नोटा को लेकर नहीं है |


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